Thursday, 24 April 2014

इश्क़ है तो इश्क़ का इज़हार होना चाहिए।
आपको चेहरे से भी  बीमार  होना चाहिए।
अपनी यादों से कहो कि एक दिन कि छुट्टी दे हमें ,
इश्क़  के  हिस्से में   भी  इतवार   होना     चाहिए।
----मुनव्वर राणा 
किसी के हिस्से में दुकाँ आई है ,
मैं घर मेँ सब से छोटा था मेरे हिस्से में माँ आई है।